

🚨🔴 उत्तर प्रदेश पुलिस की मौजूदगी में भारी बवाल, PRV टीम के सामने भिड़े दो गुट, लाठी–डंडों से गूंजा इलाका — वीडियो वायरल से प्रशासन में हलचल 🔴🚨
उत्तर प्रदेश के मेरठ में सड़क पर उस समय अराजक स्थिति बन गई जब एक स्कूल बस के चालक और एक टेम्पो के चालक के बीच मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
घटना मेरठ सिटी रोड ज़ोन की बताई जा रही है, जहाँ दोनों वाहन चालक किसी रास्ते से आगे–पीछे निकलने या ओवरटेक को लेकर पहले आपस में उलझे, फिर एक–दूसरे पर आरोप–प्रत्यारोप लगे और बात हाथापाई तक जा पहुँची।
विवाद की भनक मिलते ही आपातकालीन सेवा की पुलिस प्रतिक्रिया वाहन (PRV‑112) वहां पहले से ही मौजूद थी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पुलिस के सामने ही दोनों पक्षों से भारी संख्या में लोग एकत्र होने शुरू हो गए और बहस सामूहिक आक्रोश में बदल गई।
भीड़ इतनी तेज़ी से उग्र हुई कि पुलिस की चेतावनी और मौजूदगी भी बेअसर दिखाई देने लगी। कुछ ही क्षणों में झुंडों में बँटे लोग आमने–सामने आ गए और एक–दूसरे पर लाठी–डंडों से प्रहार करने लगे। हिंसक संघर्ष का यह दृश्य एक्स, फेसबुक और यूट्यूब जैसे माध्यमों पर तेजी से प्रसारित हो गया, जिसके बाद घटना का वीडियो व्यापक स्तर पर वायरल हो गया।
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क पर जमा हुए लोगों में कुछ स्कूल बस चालक के पक्ष में थे तो कुछ टेम्पो चालक के समर्थन में उतर आए। देखते ही देखते दोनों पक्षों ने एक–दूसरे पर लाठियां बरसानी शुरू कर दीं, जिससे मौके पर भगदड़, चीख–पुकार और दहशत का माहौल बन गया।
पुलिस ने झड़प को नियंत्रित करने का भरसक प्रयास किया, लेकिन भीड़ का उग्र रूप और गुटबंद हमले पुलिस की शुरुआती घेरेबंदी को तोड़ते नजर आए। हालांकि, अब मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना का संज्ञान लेकर मुकदमा, आरोपियों की पहचान और फुटेज विश्लेषण की प्रक्रिया तेज़ कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है—
“हिंसा किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। पुलिस की PRV सेवा नागरिक सुरक्षा के लिए तैनात रहती है, लेकिन विवाद को सामूहिक हिंसा में बदलने वालों पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जा रही है। वीडियो और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को चिन्हित कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
क्षेत्र में इस घटना के बाद नागरिकों में पुलिस की तत्परता और सिस्टम की मजबूती को लेकर बहस जारी है। लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस मौके पर थी तो हिंसा इतनी तेज़ क्यों भड़क गई और सामाजिक अनुशासन इतना कमजोर क्यों दिखाई दिया? फिलहाल पुलिस अब पूरे प्रकरण को व्यवस्थित कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।
✍🏼 रिपोर्ट: एलिक सिंह





